
नेहा वर्मा
प्रशिक्षण और शिक्षा:
वित्तीय परामर्श:
डेम सेटअप और बुनियादी ढांचा:
संरक्षित और पर्यावरण मित्र तकनीकें:
ग्रामीण विकास और सामुदायिक भागीदारी:
Director’s Message
AMBIT ECO VENTURE मछली पालन एवं इससे संबंधित उत्पादों की व्यवासायिक दृष्टिकोण से सुविधा प्रदान करने हेतु प्रयत्नशील है।
हम देश के सबसे बड़े सहयोगी कारखाने जिसमें मछुआ मीतिंग, जाल-क्षेत्र, नाविक, माल निर्माण, भण्डारण एवं खाना-चारा उत्पादन आदि को संगठित रूप प्रदान करने हेतु योजनाबद्ध कार्य प्रणाली विकसित कर रहे हैं।
AMBIT ECO VENTURE देश के सबसे बड़े तालाब क्षेत्र 38.40 में अर्थात् देवबन्द के हिस्से में मछली उत्पादन को उच्चतम स्तर पर बढ़ाने हेतु सबसे बड़े योजना जैसे महिला मछुआ पालन योजना “माँ सुमेधा” का सफल क्रियान्वयन शुरू किया गया है। उक्त देश में मछली उत्पादन एवं पम्पस उत्पादन पर विशेष जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में हम महिला मछुआ पालन के संख्याओं को लगातार बढ़ा रहे हैं। “माँ सुमेधा” योजना के अंतर्गत हमने विगत वर्ष 850 (आठ सौ पचास) महिला मछुआ किसानों को उच्च रूप में अनुसचित स्तर दिया है।
मत्स्य पालन में दक्ष किया गया। इसी प्रकार सत्र 2025-2026 में माता सुकेता योजना के द्वारा 1063 केज स्थापित किए गए और उत्तर प्रदेश स्थित रिहंद डैम व ओवरा डैम, चंदौली जनपद के मुसाखाड़, नागौद डैम, मिर्जापुर स्थित जरगो डैम तथा सिद्धार्थनगर जनपद के जलाशयों में रिकॉर्ड स्तर पर महिला मछुआ किसानों को केज कल्चर फार्मिंग से सफलतापूर्वक जोड़ा गया। यदि गहन अध्ययन किया जाए तो Ambit Eco Venture महिला सशक्तिकरण में मूलभूत योगदान प्रदान कर रही है। महिला मछुआ किसानों को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने में हमारा मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित है।
लघु उद्योग के रूप में हम मछुआ किसानों के साथ दक्षता कार्यक्रम भी संचालित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश की सहभागिता के लिए हम शासन का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
देश के एक सबसे बड़े संगठित क्षेत्र और नवाचार से लबरेज़, जहाँ श्रमिकों से लेकर बौद्धिकजनों तक मछली पालन और उसके विक्रय की कमान संभाले हुए हैं। समुद्र में स्थापित इस केज प्रणाली की कंपनी Ambit Eco Venture में आप सभी का हार्दिक स्वागत है। आशा है कि हम सब मिलकर समुद्र की गहराइयों से अपने हिस्से का मोती अवश्य निकाल लेंगे।
शुभकामनाओं सहित
नेहा वर्मा
सीईओ, AEVL